उत्तर प्रदेश कांग्रेस में पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अजय राय और महिला कांग्रेस की नेता ममता चौधरी के बीच विवाद के बाद पार्टी के अंदर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। 11 अक्टूबर 2026 को लखनऊ स्थित कांग्रेस मुख्यालय में नई प्रदेश अध्यक्ष आराधना मिश्रा ‘मोना’ के कार्यभार संभालने के दौरान दोनों पक्षों के समर्थकों के बीच कहासुनी और धक्का-मुक्की हुई। इस दौरान जूते-चप्पल चलने की खबरें भी सामने आईं
इस घटनाक्रम के बाद अजय राय की नाराजगी और उनके राजनीतिक भविष्य को लेकर सवाल उठने लगे। चर्चा है कि कांग्रेस नेतृत्व उन्हें किसी अन्य राज्य में संगठन की जिम्मेदारी देकर मनाने की कोशिश कर सकता है। गुजरात का प्रभारी बनाए जाने की संभावना भी खबरों में सामने आई है, लेकिन इस बारे में कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।
ममता चौधरी ने इस विवाद को लेकर राहुल गांधी और पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेताओं से शिकायत करने की बात कही है। उन्होंने अजय राय पर आरोप भी लगाए हैं। ये आरोप उनके अपने बयान हैं; इस विवाद में दोनों पक्षों के दावों और जवाबों को अलग-अलग समझना जरूरी है। मामले की जांच के लिए कांग्रेस ने पांच सदस्यीय टीम भी गठित की है।
अजय राय के भाजपा में लौटने को लेकर भी अटकलें लगाई गईं, लेकिन 13 अक्टूबर को प्रकाशित हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने खुद को कांग्रेस का समर्पित कार्यकर्ता बताया और पिंडरा विधानसभा सीट से पार्टी के लिए चुनाव जीतने पर ध्यान केंद्रित करने की बात कही। इसलिए फिलहाल उनके कांग्रेस छोड़ने या भाजपा में वापसी की पुष्टि नहीं हुई है।
अब सबकी नजर कांग्रेस नेतृत्व की अगली कार्रवाई और पार्टी के भीतर इस विवाद को सुलझाने के प्रयासों पर है।