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CEC ज्ञानेश कुमार पर SIR को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका, SIT जांच की मांग

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर SIR प्रक्रिया से जुड़े फैसलों और मतदाता सूची से नाम हटने के मामले में SIT जांच की मांग की गई है।
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CEC ज्ञानेश कुमार पर SIR को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका, SIT जांच की मांग
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नई दिल्ली। मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को लेकर चुनाव आयोग की Special Intensive Revision (SIR) प्रक्रिया के बीच विवाद बढ़ता जा रहा है। 25 सितंबर 2026 को सुप्रीम कोर्ट में दायर एक याचिका में SIR से जुड़े कथित अनियमितताओं की SIT जांच कराने और मतदाता सूची से बड़ी संख्या में नाम हटाए जाने के मामले की जांच की मांग की गई है। 

जागरण की रिपोर्ट के अनुसार, याचिका संविधान के अनुच्छेद 32 के तहत अधिवक्ता शैलेंद्र मणि त्रिपाठी ने दाखिल की है। याचिका में आरोपों की जांच के साथ यह पता लगाने की मांग की गई है कि SIR के दौरान करीब 13 करोड़ नाम ड्राफ्ट मतदाता सूची से कैसे हटाए गए। याचिका में चुनाव आयोग के भीतर लिए गए कुछ फैसलों को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। 

मामला उस रिपोर्ट के बाद और चर्चा में आया जिसमें दावा किया गया था कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले करीब 10 महीनों में मतदाता जोड़ने-हटाने, Form 6 में बदलाव और चुनावी डेटा के प्रबंधन से जुड़े फैसलों पर कई बार आपत्ति दर्ज की थी। चुनाव आयोग की ओर से इन आपत्तियों को निर्णय प्रक्रिया का हिस्सा बताते हुए यह कहा गया है कि संबंधित फैसले आयोग की सामूहिक प्रक्रिया के तहत लिए गए थे। 

इसी बीच कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके ने भी CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की है। नवभारत टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, दिपके ने एक सोशल मीडिया वीडियो में हरियाणा, महाराष्ट्र और दिल्ली के चुनाव परिणामों में BJP के प्रदर्शन को ज्ञानेश कुमार के CEC बनने से जोड़कर दावा किया। हालांकि, रिपोर्ट में इन दावों को गलत बताया गया है और उल्लेख किया गया है कि संबंधित चुनाव ज्ञानेश कुमार के 19 फरवरी 2025 को CEC बनने से पहले हो चुके थे। 

दूसरी ओर, CJP ने 48 घंटे के भीतर ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करते हुए SIR पर रोक, जनवरी 2025 की मतदाता सूचियों को सत्यापन तक बहाल करने और स्वतंत्र जांच की मांग की है। संगठन ने कहा है कि मांग पूरी नहीं होने पर देशव्यापी आंदोलन शुरू किया जाएगा। 

Times of India के अनुसार, अभिजीत दिपके ने घोषणा की है कि यदि ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं देते हैं तो CJP 2 अक्टूबर, गांधी जयंती से मुंबई से राष्ट्रव्यापी विरोध प्रदर्शन शुरू करेगा और इसे देश के विभिन्न शहरों तक ले जाएगा।