भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) जस्टिस सूर्यकांत ने 12 अक्टूबर 2026 को INDIA गठबंधन के नेताओं से मुलाकात करने से इनकार कर दिया। विपक्षी नेता राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे ने CJI से मिलने के लिए समय मांगा था। उनका उद्देश्य चुनावी प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों पर ज्ञापन सौंपना और न्यायिक हस्तक्षेप की मांग करना था।
CJI सूर्यकांत ने क्या कहा?
जस्टिस सूर्यकांत ने स्पष्ट किया कि सुप्रीम कोर्ट के दरवाजे सभी के लिए खुले हैं। किसी भी आम नागरिक या निर्वाचित जनप्रतिनिधि को अदालत में याचिका दाखिल करने का अधिकार है। उन्होंने कहा कि अदालत कानून के तहत उचित कार्रवाई करेगी।
रिपोर्ट के अनुसार, CJI ने विपक्षी नेताओं को पत्र के माध्यम से मुलाकात न कर पाने के कारणों की जानकारी दी। संबंधित मुद्दे पहले से अदालत में विचाराधीन होने के कारण उन्हें औपचारिक न्यायिक प्रक्रिया के जरिए उठाने की सलाह दी गई।
विपक्ष किन मुद्दों को उठाना चाहता था?
INDIA गठबंधन के नेताओं ने मुख्य रूप से इन मुद्दों पर अपनी बात रखने की योजना बनाई थी:
कथित वोट चोरी और चुनावी अनियमितताओं के आरोप।
मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR पर आपत्तियां।
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग।
चुनावी प्रक्रिया से संबंधित मामलों की सुनवाई में तेजी लाने की मांग।
ये विपक्षी दलों की ओर से उठाए गए आरोप और मांगें हैं। इन पर अंतिम न्यायिक निष्कर्ष को लेकर कोई दावा नहीं किया जा सकता।
सुप्रीम कोर्ट तक मार्च की थी योजना
विपक्षी नेताओं ने 12 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट तक मार्च निकालने और ज्ञापन सौंपने की योजना बनाई थी। CJI से मुलाकात का अनुरोध स्वीकार नहीं होने के बाद भी चुनावी प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों पर विपक्ष की राजनीतिक गतिविधियां जारी रहीं।
अब इस मामले में आगे की कार्रवाई औपचारिक याचिकाओं और अदालत में चल रही कार्यवाही के जरिए होने की संभावना है।