नई दिल्ली: दिल्ली हाईकोर्ट में बुधवार, 21 अक्टूबर 2026 को कॉकroach जनता पार्टी (CJP) के नेताओं सौरव दास और आशुतोष रांका की हिरासत से जुड़े मामले में सुनवाई हुई। दोनों नेताओं ने विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें उनकी न्यायिक हिरासत बढ़ाई गई थी।
सुनवाई के दौरान अदालत ने याचिका पर सवाल उठाए और नेताओं के वकील को पहले संबंधित मजिस्ट्रेट के समक्ष चल रही कार्यवाही के परिणाम का इंतजार करने की सलाह दी। इसके बाद सौरव दास और आशुतोष रांका ने अपनी याचिका वापस ले ली।
यह मामला दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन से जुड़ा है। दोनों नेताओं को कथित तौर पर निर्धारित प्रदर्शन स्थल की बैरिकेडिंग पार करने और नियमों का उल्लंघन करने के आरोपों के बाद हिरासत में लिया गया था। इससे पहले अधिकारियों ने उनके शांति बनाए रखने संबंधी बॉन्ड के उल्लंघन का आरोप भी लगाया था।
दोनों नेताओं ने अपनी हिरासत को चुनौती देते हुए कानूनी प्रक्रिया पर सवाल उठाए थे। हाईकोर्ट में याचिका वापस लिए जाने के बाद आगे की कार्रवाई संबंधित मजिस्ट्रेट की कार्यवाही के परिणाम पर निर्भर करेगी।
फिलहाल, याचिका वापस लिए जाने को जमानत मिलने के बराबर नहीं माना जाना चाहिए।