मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली में लगातार विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान मतदाता सूचियों में कथित अनियमितताएं हुई हैं। दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को कई स्थानों पर रोका और कई लोगों को हिरासत में लिया।
हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, 5 अक्टूबर को प्रदर्शन से जुड़े एक मामले में प्रदर्शनकारियों ने संसद मार्ग पुलिस स्टेशन के बाहर भी विरोध किया। यह प्रदर्शन एक महिला के साथ पुलिसकर्मी द्वारा कथित दुर्व्यवहार के आरोपों को लेकर किया गया था।
इस बीच तीन महिला पत्रकारों ने 3 अक्टूबर के प्रदर्शन के दौरान ड्यूटी पर मौजूद पुलिसकर्मियों पर कथित यौन उत्पीड़न और दुर्व्यवहार के आरोप लगाए हैं। दिल्ली पुलिस के अनुसार, महिलाओं की शिकायतों को जांच के लिए क्राइम ब्रांच को भेज दिया गया है। शिकायतकर्ताओं का मेडिकल परीक्षण भी कराया गया है।
प्रदर्शन के दौरान AISA की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा समेत कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया। पुलिस के मुताबिक, नई दिल्ली इलाके में BNSS की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू थी और प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी गई थी। वहीं प्रदर्शनकारियों ने पुलिस कार्रवाई और कथित बल प्रयोग पर सवाल उठाए हैं।
दिल्ली पुलिस ने कहा है कि महिला पत्रकारों द्वारा लगाए गए आरोपों की निष्पक्ष जांच के लिए शिकायतों को क्राइम ब्रांच को सौंपा गया है। पुलिस ने मामले से संबंधित वीडियो फुटेज रखने वाले लोगों से उसे जांच एजेंसी के साथ साझा करने की अपील भी की है।