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फर्रुखाबाद में बैंक मैनेजर की हत्या और लूट के मामले में 22 साल बाद फैसला, दोषी को उम्रकैद

फर्रुखाबाद में वर्ष 2004 में बैंक मैनेजर अशोक कुमार राठौर की गोली मारकर हत्या और लूट के मामले में अदालत ने 22 साल बाद दोषी महेश को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी पर 30 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। मामले में एक अन्य आरोपी की मुकदमे की सुनवाई के दौरान मौत हो गई थी।
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फर्रुखाबाद में बैंक मैनेजर की हत्या और लूट के मामले में 22 साल बाद फैसला, दोषी को उम्रकैद
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INDC Network : फर्रुखाबाद, उत्तर प्रदेश। जनपद में करीब 22 साल पुराने बैंक मैनेजर हत्याकांड में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। बैंक मैनेजर अशोक कुमार राठौर की गोली मारकर हत्या और उनका बैग लूटने के मामले में विशेष न्यायाधीश दस्यु प्रभावित क्षेत्र एवं अपर जनपद एवं सत्र न्यायाधीश शैलेंद्र सचान ने महेश को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी पर 30 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।

26 मई 2004 को हुई थी वारदात

मामला 26 मई 2004 का है। कायमगंज कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला चिलाका निवासी विनोद कुमार ने पुलिस को दी तहरीर में बताया था कि उनके बड़े भाई अशोक कुमार राठौर बैंक ऑफ इंडिया की चंदुइया शाखा में मैनेजर थे। घटना वाले दिन वह बैंक के कर्मचारी रामबाबू की बाइक पर सवार होकर बैंक जा रहे थे।

सुबह करीब 9:45 बजे झब्बूपुर गांव के आगे पीछे से आई एक सफेद मारुति वैन ने बाइक को ओवरटेक कर रोक लिया। वैन से उतरे चार बदमाशों ने अशोक कुमार और रामबाबू पर तमंचों से फायरिंग कर दी। गोली लगने से अशोक कुमार बाइक पर ही गिर पड़े।

बैंक मैनेजर का बैग लूटकर फरार हुए थे बदमाश

वारदात के बाद बदमाश अशोक कुमार का बैग छीनकर अचरा की ओर फरार हो गए। बैग में बैंक की चाबियां, टिफिन और जरूरी कागजात रखे थे। घटना के बाद पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की।

विवेचना के दौरान बदायूं जनपद के उसैत थाना क्षेत्र निवासी महेश और आगरा के न्यू आगरा थाना क्षेत्र की जयराम बाग कॉलोनी निवासी जगदीश के नाम सामने आए। पुलिस ने दोनों आरोपियों के पास से तमंचे और कारतूस बरामद किए थे और उनके खिलाफ अदालत में आरोपपत्र दाखिल किया था।

एक आरोपी की मौत, दूसरे को मिली उम्रकैद

मुकदमे की सुनवाई के दौरान दूसरे आरोपी जगदीश की मौत हो गई। वहीं, अभियोजन पक्ष ने अदालत में गवाहों के बयान और साक्ष्य प्रस्तुत किए। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने महेश को 31 अक्टूबर 2026 को दोषी करार दिया था। इसके बाद सजा के बिंदु पर सुनवाई करते हुए 4 नवंबर को उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई और 30 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया। करीब 22 साल तक चले इस मामले में अदालत के फैसले के बाद बैंक मैनेजर की हत्या और लूट के प्रकरण में एक आरोपी को सजा मिल गई है।