दिव्या मित्तल ने सोशल मीडिया पर जारी करीब 9-10 मिनट के वीडियो संदेश में अपने फैसले की वजह भी बताई। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य उन लोगों की आवाज बनना है, जिनकी समस्याएं सरकारी कार्यालयों तक नहीं पहुंच पातीं और पहुंचने के बाद भी कई बार सुनी नहीं जातीं। उन्होंने कहा कि वह लोगों के साथ राजनीति करेंगी, किसी राजनीतिक झंडे के नीचे नहीं। X Post
प्रशासनिक अनुभव को बताया फैसले की वजह
दिव्या मित्तल ने अपने प्रशासनिक कार्यकाल के दौरान देखे गए कई मामलों का जिक्र करते हुए सवाल उठाया कि सरकारी मंजूरी और बजट उपलब्ध होने के बावजूद कई योजनाएं जमीन पर क्यों नहीं उतर पातीं। उन्होंने एक गांव में स्वीकृत स्कूल का उदाहरण दिया, जिसका निर्माण वर्षों बाद भी शुरू नहीं हो सका था।
उन्होंने खराब सड़कों, अधूरे विकास कार्यों, जमीन के पट्टे से जुड़े मामलों और प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक जैसे मुद्दों का भी उल्लेख किया। उनका कहना है कि इन अनुभवों ने उन्हें प्रशासन के बाहर रहकर लोगों के मुद्दों पर काम करने के लिए प्रेरित किया।
युवाओं और रोजगार को लेकर भी चिंता
दिव्या मित्तल ने अपने संदेश में युवाओं के भविष्य और रोजगार पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के संभावित प्रभाव का भी मुद्दा उठाया। उन्होंने सवाल किया कि आने वाले समय में तकनीक के कारण नौकरियों में होने वाले बदलाव को लेकर सार्वजनिक स्तर पर पर्याप्त चर्चा क्यों नहीं हो रही है। उन्होंने परीक्षा व्यवस्था और युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दों को भी अपनी प्राथमिकताओं में शामिल किया।
30 अगस्त को दिया था इस्तीफा
दिव्या मित्तल 2013 बैच की IAS अधिकारी थीं। उन्होंने 30 अगस्त 2026 को करीब 13 वर्ष की प्रशासनिक सेवा के बाद इस्तीफा दिया था। उनका इस्तीफा 14 सितंबर को केंद्र सरकार ने स्वीकार किया और 15 सितंबर से यह प्रभावी हुआ। इस्तीफे के समय उन्होंने निजी कारणों और जीवन के नए लक्ष्यों का हवाला दिया था।
मीरजापुर और देवरिया में रही हैं DM
दिव्या मित्तल उत्तर प्रदेश में मीरजापुर और देवरिया की जिलाधिकारी रह चुकी हैं। मीरजापुर में उनके कार्यकाल के दौरान दूरदराज के लहुरियादह गांव तक पाइपलाइन के जरिए पानी पहुंचाने का मामला चर्चा में रहा था। इसके अलावा प्रशासनिक कार्यों और निरीक्षण के दौरान उनके कई बयान सोशल मीडिया पर भी चर्चा में रहे।
IIT और IIM से पढ़ाई, लंदन में भी किया काम
दिव्या मित्तल ने IIT दिल्ली से इंजीनियरिंग और IIM बेंगलुरु से MBA किया है। IAS बनने से पहले वह लंदन में वित्तीय क्षेत्र में काम कर चुकी थीं। रिपोर्टों के मुताबिक उन्होंने विदेश की नौकरी छोड़कर सिविल सेवा का रास्ता चुना था। 2012 में उनका चयन IPS के लिए हुआ और 2013 में वह IAS बनीं।
अब दिव्या मित्तल ने साफ कर दिया है कि उनकी अगली राजनीतिक यात्रा उत्तर प्रदेश से शुरू होगी और फिलहाल वह किसी राजनीतिक दल में शामिल होने की घोषणा नहीं कर रही हैं। हालांकि, उनकी आगे की राजनीतिक गतिविधियों और संगठनात्मक स्वरूप को लेकर तस्वीर आने वाले समय में और स्पष्ट होगी।