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हिमाचल निकाय चुनाव में कांग्रेस-BJP के जीत के दावे, 2027 से पहले सियासी ताकत की परीक्षा

Himachal Pradesh Civic Poll Results 2026 में कांग्रेस और BJP ने कई नगर परिषदों व नगर पंचायतों में जीत का दावा किया है। 51 शहरी निकायों के चुनाव में 69.16% मतदान हुआ।
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हिमाचल निकाय चुनाव में कांग्रेस-BJP के जीत के दावे, 2027 से पहले सियासी ताकत की परीक्षा
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INDC Network: शिमला, हिमाचल प्रदेश: हिमाचल प्रदेश में 51 शहरी स्थानीय निकायों के लिए हुए चुनाव के बाद सियासी तस्वीर को लेकर कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी दोनों ने अपनी-अपनी जीत का दावा किया है। रविवार को हुए मतदान में 25 नगर परिषदों के 229 वार्ड, 22 नगर पंचायतों के 156 वार्ड और चार नगर निगमों के 64 वार्ड शामिल रहे।

नगर परिषदों और नगर पंचायतों के नतीजे रविवार को घोषित किए गए, जबकि चार नगर निगमों—धर्मशाला, सोलन, मंडी और पालमपुर—के लिए मतगणना 31 मई को होने की बात कही गई है।

कांग्रेस ने कई क्षेत्रों में जीत का दावा किया

हिमाचल प्रदेश की सत्ता पर काबिज कांग्रेस ने देहरा, नेरचौक, बंजार, भुंतर, रिवालसर, करसोग, सरकाघाट, नूरपुर, कांगड़ा, ज्वालामुखी, शाहपुर और नगरोटा बगवां समेत कई स्थानों पर कांग्रेस समर्थित उम्मीदवारों की जीत का दावा किया।

मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने मंडी और कांगड़ा के लोगों का आभार जताते हुए कांग्रेस समर्थित उम्मीदवारों की जीत को जनता का समर्थन बताया।

सुक्खू ने कहा कि मंडी के नेरचौक, रिवालसर, करसोग और सरकाघाट में कांग्रेस समर्थित उम्मीदवारों को निर्णायक जीत मिली है। उन्होंने विजयी उम्मीदवारों, पार्टी कार्यकर्ताओं और मतदाताओं को बधाई दी।

कांगड़ा में भी कांग्रेस का दावा

मुख्यमंत्री ने कांगड़ा क्षेत्र में भी कांग्रेस समर्थित उम्मीदवारों के प्रदर्शन पर प्रतिक्रिया दी। उनके मुताबिक देहरा, नूरपुर, कांगड़ा, ज्वालामुखी, शाहपुर और नगरोटा बगवां समेत छह नगर परिषदों और नगर पंचायतों में कांग्रेस समर्थित उम्मीदवारों को जीत मिली, जबकि BJP केवल एक निकाय में जीत हासिल कर सकी।

सुक्खू ने इसे कांग्रेस सरकार की नीतियों पर जनता के भरोसे का संकेत बताया और पार्टी कार्यकर्ताओं का आभार जताया।

BJP ने भी कई जगह जीत का दावा किया

वहीं विपक्षी BJP ने भी कई नगर निकायों में अपने समर्थित उम्मीदवारों की जीत का दावा किया। पार्टी के मुताबिक मनाली, बिलासपुर, परवाणू, नालागढ़, अर्की और ऊना में BJP समर्थित उम्मीदवारों ने जीत हासिल की।

नगर परिषदों और नगर पंचायतों के चुनाव पार्टी के चुनाव चिह्न पर नहीं हुए थे। ऐसे में इन निकायों में उम्मीदवारों की राजनीतिक संबद्धता को लेकर कांग्रेस और BJP अपने-अपने समर्थित उम्मीदवारों की जीत का दावा कर रहे हैं।

69.16 प्रतिशत हुआ मतदान

राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार, इन शहरी स्थानीय निकाय चुनावों में कुल 69.16 प्रतिशत मतदान हुआ। चुनाव में 1,147 उम्मीदवार मैदान में थे और कुल 449 पदों के लिए मतदान कराया गया।

कुल 3,60,859 मतदाता मतदान के लिए पात्र थे। इनमें 1,80,963 पुरुष, 1,79,882 महिलाएं और 14 अन्य मतदाता शामिल थे।

चार नगर निगमों में पार्टी सिंबल पर चुनाव

हिमाचल प्रदेश के चार नगर निगमों—धर्मशाला, सोलन, मंडी और पालमपुर—में उम्मीदवारों ने राजनीतिक दलों के चुनाव चिह्न पर चुनाव लड़ा। इसके विपरीत नगर परिषदों और नगर पंचायतों के चुनाव पार्टी सिंबल पर नहीं हुए।

इस वजह से नगर परिषदों और नगर पंचायतों के परिणामों को लेकर कांग्रेस और BJP समर्थित उम्मीदवारों की जीत के अलग-अलग दावे सामने आए हैं।

2027 विधानसभा चुनाव से पहले अहम परीक्षा

हिमाचल प्रदेश के इन निकाय चुनावों को 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस और BJP के लिए अहम राजनीतिक परीक्षा के तौर पर देखा जा रहा है।

2022 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने BJP को हराकर सत्ता हासिल की थी। अब कांग्रेस की कोशिश राज्य में अपनी पकड़ मजबूत करने की है, जबकि BJP स्थानीय चुनावों के जरिए संगठन और जनाधार को मजबूत कर आगामी विधानसभा चुनाव में वापसी की जमीन तैयार करना चाहती है।

निकाय चुनावों के नतीजे दोनों दलों को जमीनी स्तर पर जनता के मूड का संकेत दे सकते हैं। हालांकि, स्थानीय निकाय चुनाव और विधानसभा चुनाव के मुद्दे अलग होते हैं, इसलिए इन परिणामों को सीधे 2027 के विधानसभा चुनाव का परिणाम मानना उचित नहीं होगा।

फिलहाल हिमाचल प्रदेश में निकाय चुनाव के बाद कांग्रेस और BJP दोनों अपने प्रदर्शन को अपने पक्ष में बता रहे हैं। आने वाले दिनों में नगर निगमों के नतीजे और राजनीतिक दलों की प्रतिक्रिया राज्य की सियासत को और दिलचस्प बना सकती है।