पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के Special Intensive Revision (SIR) से जुड़ी प्रक्रिया के बीच कलकत्ता हाईकोर्ट के पूर्व जस्टिस इंद्रजीत चटर्जी ने अपने पद से हटने की इच्छा जताई है। चटर्जी फिलहाल मुर्शिदाबाद जिले से जुड़ी SIR अपीलों की सुनवाई करने वाले अपीलीय ट्रिब्यूनल के प्रभारी हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक, जस्टिस चटर्जी ने कलकत्ता हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश और पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी को पत्र लिखकर 2 नवंबर 2026 से अपनी भूमिका से हटने की इच्छा जताई है। उन्होंने बताया कि साल्ट लेक स्थित उनके घर से जोका स्थित ट्रिब्यूनल कार्यालय तक आने-जाने में उन्हें रोजाना करीब 3 से 4 घंटे लग रहे हैं।
चटर्जी के अनुसार, उन्हें प्रतिदिन लगभग 60 से 70 किलोमीटर की यात्रा करनी पड़ती है। खराब सड़क और भारी ट्रैफिक के कारण यह सफर उनके लिए लगातार मुश्किल होता जा रहा है। उन्होंने यह विकल्प भी दिया है कि अगर उन्हें घर से काम करने या उनके निवास के नजदीक ट्रिब्यूनल से काम करने की अनुमति दी जाती है, तो वह अपनी जिम्मेदारी जारी रख सकते हैं।
जस्टिस चटर्जी मुर्शिदाबाद के लिए SIR अपीलीय ट्रिब्यूनल नंबर 11 की अध्यक्षता कर रहे हैं। रिपोर्ट के अनुसार, इस ट्रिब्यूनल के सामने बड़ी संख्या में अपीलें लंबित हैं। चटर्जी ने अब तक 425 अपीलों का निपटारा किया है।
पश्चिम बंगाल में SIR से जुड़ी अपीलों का लंबित बोझ भी बड़ा मुद्दा बना हुआ है। चुनाव आयोग ने सुप्रीम कोर्ट को दी जानकारी में बताया था कि 38.20 लाख से अधिक अपीलें दाखिल हुई थीं, जिनमें करीब 37.18 लाख लंबित थीं और लगभग 1.02 लाख मामलों का निपटारा हुआ था।
इससे पहले कलकत्ता हाईकोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश टी.एस. शिवगणनम भी SIR ट्रिब्यूनल से अलग हो चुके हैं। जस्टिस चटर्जी के मामले में अंतिम निर्णय संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा लिया जाना बाकी है।