अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भारत और पाकिस्तान के साथ अमेरिका के संबंधों को लेकर अपना रुख स्पष्ट किया है। 22 अक्टूबर 2026 को आज तक के साथ खास बातचीत में रुबियो ने कहा कि पाकिस्तान के साथ अमेरिका के संबंध भारत के साथ उसकी साझेदारी को प्रभावित नहीं करेंगे।
मुंबई के ताज महल पैलेस होटल में बातचीत के दौरान रुबियो से पूछा गया कि पाकिस्तान के साथ अमेरिका की बढ़ती नजदीकी भारत की आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई को किस तरह प्रभावित कर सकती है। इस पर उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के साथ अमेरिका के संबंध भारत के साथ रिश्तों की कीमत पर नहीं हैं। उन्होंने यह भी कहा कि आतंकवाद को लेकर भारत और अमेरिका की चिंताएं एक जैसी हैं।
पाकिस्तान से संबंध बनाए रखने पर क्या बोले रुबियो?
रुबियो ने कहा कि अमेरिका को दुनिया के विभिन्न देशों के साथ राजनयिक संबंध बनाए रखने होते हैं, जिनमें पाकिस्तान भी शामिल है। उनके मुताबिक, पाकिस्तान के साथ बातचीत जारी रखने से अमेरिका को विभिन्न मुद्दों पर उसके फैसलों को प्रभावित करने और भारत की सुरक्षा से जुड़ी चिंताओं पर चर्चा करने का अवसर मिल सकता है।
भारत-पाकिस्तान तनाव पर अमेरिका का रुख
रुबियो ने भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव पर भी बात की। उन्होंने कहा कि अमेरिका दोनों देशों के बीच तनाव कम करने और किसी बड़े संघर्ष को रोकने में रचनात्मक भूमिका निभाने के लिए तैयार है। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका दोनों पड़ोसी देशों के बीच एक और युद्ध नहीं देखना चाहता और चाहता है कि वे व्यापार तथा आर्थिक सहयोग पर ध्यान दें।
आतंकवाद पर अमेरिका का बयान
रुबियो ने आतंकवादी संगठनों के खिलाफ अमेरिकी अभियानों का उल्लेख करते हुए कहा कि आतंकवाद का खतरा कई देशों के लिए चिंता का विषय है। उन्होंने इस्लामिक स्टेट और अल-कायदा के खिलाफ अमेरिकी कार्रवाइयों का भी जिक्र किया।
उनके बयान का मुख्य संदेश यह था कि अमेरिका पाकिस्तान के साथ अपने संबंध बनाए रखते हुए भी भारत के साथ साझेदारी और आतंकवाद से जुड़ी चिंताओं को महत्व देता है।