NEET UG 2026 की काउंसलिंग पूरी होने के बाद भी देश के कुछ मेडिकल संस्थानों में MBBS की सैकड़ों सीटें खाली रह गई हैं। मेडिकल काउंसलिंग कमेटी (MCC) के कॉलेज-वार आंकड़ों के अनुसार, स्ट्रे वैकेंसी राउंड के बाद तमिलनाडु, पुडुचेरी और कर्नाटक में कुल 837 MBBS सीटें खाली थीं। इनमें 824 सीटें तमिलनाडु और पुडुचेरी की डीम्ड मेडिकल यूनिवर्सिटीज में थीं। इसके अलावा AIIMS मदुरै में एक और कर्नाटक के कोलार स्थित चेट्टिनाड हॉस्पिटल एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट में 12 सीटें खाली रहीं।
इन कॉलेजों में सबसे ज्यादा सीटें खाली
श्री सत्य साईं मेडिकल कॉलेज एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट, चेन्नई — 188 सीटें
मीनाक्षी मेडिकल कॉलेज एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट, कांचीपुरम — 117 सीटें
महात्मा गांधी मेडिकल कॉलेज एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट, पुडुचेरी — 92 सीटें
श्री बालाजी मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल, चेन्नई — 82 सीटें
इन चार कॉलेजों में ही 479 MBBS सीटें खाली रहीं।
क्या भारी फीस बनी खाली सीटों की वजह?
रिपोर्ट के मुताबिक, कई डीम्ड मेडिकल यूनिवर्सिटीज में MBBS की सालाना ट्यूशन फीस लगभग ₹21 लाख से ₹35 लाख तक है। हॉस्टल, मेस और अन्य खर्च इसमें अलग से जुड़ सकते हैं। इतनी अधिक फीस के कारण कुछ छात्र इन कॉलेजों में दाखिला लेने से पीछे हट सकते हैं।
हालांकि, खाली सीटों का केवल फीस को ही कारण नहीं माना जा सकता। छात्रों की पसंद, कॉलेजों की उपलब्धता और अन्य परिस्थितियां भी दाखिले को प्रभावित कर सकती हैं।
क्या फिर से काउंसलिंग होगी?
खाली सीटों के बाद एक और विशेष काउंसलिंग राउंड आयोजित किए जाने की संभावना पर चर्चा हो रही है। हालांकि, 22 अक्टूबर 2026 तक अतिरिक्त राउंड को लेकर कोई आधिकारिक निर्णय सामने नहीं आया था। छात्रों को किसी भी नए राउंड या दाखिले की समय-सीमा के लिए MCC की आधिकारिक घोषणाओं पर भरोसा करना चाहिए।