एक ही परिवार के पांच लोगों की मौत
भूस्खलन में बरामद किए गए पांचों शव एक ही परिवार के सदस्यों के हैं। मृतकों की पहचान 25 वर्षीय बिजया प्रधान, उनकी 27 वर्षीय पत्नी भूमिका, सात वर्षीय बेटे अरुणा, छह वर्षीय बेटी बिजयालक्ष्मी और एक वर्षीय बेटी बागरी के रूप में हुई है।
परिवार के पांच सदस्यों की एक साथ मौत से गांव में शोक का माहौल है। परिजनों की इच्छा का सम्मान करते हुए प्रशासन ने घटनास्थल पर ही अंतिम संस्कार की व्यवस्था में मदद की।
सुबह करीब 3 बजे हुआ था भूस्खलन
प्रशासन के अनुसार, 28 अक्टूबर की सुबह करीब 3 बजे गंजाम और कंधमाल जिलों की सीमा के पास भंजनगर ब्लॉक के घिड़ीपाबली गांव में लगातार भूस्खलन हुआ था। उस समय ग्रामीण अपने घरों में सो रहे थे।
पहाड़ी से भारी मात्रा में मिट्टी, बड़े-बड़े पत्थर, उखड़े हुए पेड़ और पानी नीचे की ओर आया, जिसकी चपेट में गांव के कई मकान आ गए। इस हादसे में कई घर मलबे में दब गए। गांव के 13 लोग किसी तरह अपनी जान बचाने में सफल रहे और बाद में राहत शिविर में शरण ली।
NDRF और ODRAF की टीमें चला रहीं बचाव अभियान
लापता लोगों की तलाश के लिए राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF), ओडिशा आपदा त्वरित कार्रवाई बल (ODRAF), अग्निशमन विभाग और रेलवे की टीमें लगातार अभियान चला रही हैं।
खराब मौसम के कारण बुधवार को बचाव अभियान रोकना पड़ा था, लेकिन मौसम में सुधार के बाद इसे दोबारा शुरू किया गया। प्रशासन के अनुसार, छह लापता लोगों की तलाश जारी रहेगी।
चक्रवात और बाढ़ से राज्य में 11 मौतें
चक्रवात अर्नब और इसके बाद आई बाढ़ तथा भूस्खलन से ओडिशा में कुल 11 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। इससे पहले कंधमाल जिले में तीन और गजपति जिले में एक व्यक्ति की मौत की जानकारी सामने आई थी।
भारी बारिश के कारण गंजाम और गजपति जिलों में खेतों, मकानों, सड़कों और सरकारी इमारतों को भी नुकसान पहुंचा है। कई इलाकों में बाढ़ का पानी भरने से जनजीवन प्रभावित हुआ है।
केंद्र से 2,526 करोड़ रुपये की सहायता की मांग
ओडिशा सरकार ने चक्रवात और बाढ़ से हुए नुकसान की भरपाई के लिए केंद्र सरकार से 2,526 करोड़ रुपये की सहायता मांगी है। इसके अलावा भविष्य में ऐसी आपदाओं से निपटने और स्थायी बुनियादी ढांचा तैयार करने के लिए 10 हजार करोड़ रुपये के विशेष पैकेज की मांग भी की गई है।
राज्य सरकार ने प्रभावित लोगों के पुनर्वास और सुरक्षित आवास उपलब्ध कराने की बात कही है। प्रशासन की प्राथमिकता फिलहाल लापता लोगों की तलाश और प्रभावित परिवारों को राहत पहुंचाना है।