मध्य प्रदेश की राजनीति में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के बयान के बाद चर्चा तेज हो गई है। मामला सीहोर जिले के बुधनी विधानसभा क्षेत्र के कोसमी गांव का है, जहां वन विभाग की कार्रवाई में आदिवासी समुदाय के 12 परिवारों के घरों को ढहा दिया गया।
इस कार्रवाई के बाद शिवराज सिंह चौहान प्रभावित परिवारों से मिलने पहुंचे और घटना पर नाराजगी जताई। उन्होंने इसे अन्यायपूर्ण बताते हुए संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि प्रभावित परिवारों की समस्याओं को मुख्यमंत्री मोहन यादव के सामने उठाया जाएगा।
रिपोर्टों के अनुसार, वन विभाग ने कार्रवाई को सरकारी भूमि पर कथित अतिक्रमण हटाने से जुड़ा बताया। वहीं, शिवराज सिंह चौहान ने प्रभावित परिवारों के घरों और फसलों को हुए नुकसान पर सवाल उठाए।
इस घटनाक्रम के बाद मध्य प्रदेश में भाजपा सरकार के भीतर राजनीतिक मतभेदों को लेकर भी चर्चाएं शुरू हुईं। हालांकि, शिवराज सिंह चौहान के इस कदम को मध्य प्रदेश की राजनीति में वापसी की कोशिश या मुख्यमंत्री मोहन यादव को घेरने की रणनीति बताना फिलहाल राजनीतिक विश्लेषण है, कोई स्थापित तथ्य नहीं।