भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 3 विकेट खोकर 216 रन बनाए। यह एशियन गेम्स के महिला क्रिकेट इतिहास में अब तक का सबसे बड़ा स्कोर रहा। भारतीय पारी की शुरुआत स्मृति मंधाना और शेफाली वर्मा ने की। दोनों ने तेज बल्लेबाजी करते हुए पहले विकेट के लिए 99 रन की साझेदारी की।
स्मृति मंधाना ने खेली तूफानी पारी
स्मृति मंधाना ने 45 गेंदों पर 79 रन की शानदार पारी खेली। उन्होंने अपनी पारी में 7 छक्के लगाए और भारतीय टीम को मजबूत शुरुआत दिलाई। मंधाना की पारी फाइनल में भारत के बड़े स्कोर की नींव बनी।
इस मुकाबले में मंधाना ने एक और बड़ा रिकॉर्ड अपने नाम किया। वह 11,000 इंटरनेशनल रन पूरे करने वाली पहली महिला क्रिकेटर बनीं। उन्होंने श्रीलंका के खिलाफ फाइनल में यह उपलब्धि हासिल की।
रिचा घोष ने अंत में मचाई तबाही
मंधाना और शेफाली वर्मा के बाद रिचा घोष ने भारतीय पारी को तेज गति दी। रिचा ने सिर्फ 22 गेंदों पर नाबाद 49 रन बनाए। उनकी विस्फोटक बल्लेबाजी की बदौलत भारत 216 रन के विशाल स्कोर तक पहुंचा।
69 रन पर ढेर हुई श्रीलंका
216 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी श्रीलंकाई टीम भारतीय गेंदबाजों के सामने टिक नहीं सकी। पूरी टीम 15.4 ओवर में सिर्फ 69 रन पर ऑलआउट हो गई। भारत की ओर से दीप्ति शर्मा ने 3 विकेट लिए, जबकि शेफाली वर्मा, श्री चरणी और श्रेयंका पाटिल ने 2-2 विकेट हासिल किए।
भारत ने मुकाबला 147 रन से जीतकर गोल्ड मेडल अपने नाम किया। श्रीलंका को सिल्वर मेडल मिला, जबकि पाकिस्तान ने बांग्लादेश को हराकर कांस्य पदक हासिल किया।