सुप्रीम कोर्ट ने मतदाता पंजीकरण के लिए इस्तेमाल होने वाले Form 6 में किए गए कथित बदलाव को लेकर चुनाव आयोग से रिकॉर्ड मांगा है। यह मामला विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) से जुड़े विवाद और चुनाव आयोग के कामकाज को लेकर दायर याचिका की सुनवाई के दौरान सामने आया।
Form 6 का इस्तेमाल पहली बार मतदाता बनने वाले नागरिकों के नाम मतदाता सूची में दर्ज कराने के लिए किया जाता है। विवाद उस अतिरिक्त घोषणा से जुड़ा है, जिसमें आवेदकों से पिछले SIR के दौरान मतदाता सूची में अपने या माता-पिता अथवा दादा-दादी के नाम से संबंधित जानकारी मांगी गई थी।
रिपोर्ट के अनुसार, चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने इस बदलाव पर आपत्ति दर्ज की थी। उनका कहना था कि निर्धारित Form 6 में बदलाव के लिए Registration of Electors Rules, 1960 में आवश्यक संशोधन किया जाना चाहिए। बाद में चुनाव आयोग ने कहा कि SIR से संबंधित जानकारी को अलग घोषणा के तौर पर जोड़ा गया था और मूल Form 6 में बदलाव नहीं किया गया।
सुप्रीम कोर्ट ने CEC ज्ञानेश कुमार को तत्काल पद से हटाने या निलंबित करने की मांग पर अंतरिम आदेश देने से इनकार किया है। अदालत ने कहा कि केवल मीडिया रिपोर्ट या आरोपों के आधार पर फैसला नहीं किया जा सकता और पहले चुनाव आयोग तथा संबंधित अधिकारियों से तथ्य मांगे जाएंगे।
अदालत ने चुनाव आयोग, केंद्र सरकार, CEC ज्ञानेश कुमार और दोनों चुनाव आयुक्तों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। सुप्रीम कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि किसी निर्णय में वैधानिक नियमों का उल्लंघन पाया गया, तो अदालत बाद में उचित हस्तक्षेप कर सकती है।