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सूरत में फर्रुखाबाद का 45 वर्षीय कारोबारी कर्मचारी रहस्यमय तरीके से लापता

फर्रुखाबाद निवासी रामतीर्थ सिंह सूरत में संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हैं। परिजनों ने कारोबारी पर आशंका जताते हुए पुलिस से जांच और सकुशल बरामदगी की मांग की है।
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सूरत में फर्रुखाबाद का 45 वर्षीय कारोबारी कर्मचारी रहस्यमय तरीके से लापता
रामतीर्थ की फाइल फोटो एवं कंपनी का बोर्ड
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फर्रुखाबाद/सूरत। उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद जनपद के हरसिंहपुर गोवा गांव निवासी करीब 45 वर्षीय रामतीर्थ सिंह पुत्र जयचंद्र सिंह के गुजरात के सूरत से रहस्यमय परिस्थितियों में लापता होने का मामला सामने आया है। रामतीर्थ सिंह सूरत में सतनामी प्रिंट्स नामक प्रतिष्ठान में काम करते थे। उनके परिजनों ने कारोबारी पर गंभीर आशंका जताते हुए पुलिस से मामले की जांच और रामतीर्थ की सकुशल बरामदगी की मांग की है।

परिजनों के अनुसार, रामतीर्थ को फर्रुखाबाद से कारोबारी द्वारा अपनी जिम्मेदारी पर सूरत स्थित कारखाने में काम के लिए ले जाया गया था। परिवार का कहना है कि उन्हें करीब 30 हजार रुपये मासिक वेतन दिया जा रहा था और वह कारखाने में ही रह रहे थे।

21 अगस्त से लापता हैं रामतीर्थ

परिजनों द्वारा सूरत के पुलिस अधीक्षक को दिए गए प्रार्थना पत्र के अनुसार, 21 अगस्त 2026 की शाम करीब 7:30 बजे से रामतीर्थ सिंह अचानक संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हैं। परिवार को अगले दिन 22 अगस्त को उनके लापता होने की जानकारी मिली, जिसके बाद परिजन तत्काल सूरत पहुंचे।

परिवार का दावा है कि लापता होने से पहले रामतीर्थ और फैक्ट्री मालिक नमित साध के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी/विवाद हुआ था। पुलिस को दिए गए लिखित प्रार्थना पत्र में परिजनों ने कर्मचारियों से जानकारी लेने के बाद पैसों के लेन-देन को लेकर दोनों के बीच गंभीर विवाद चलने की बात कही है।

अस्पताल जाने की भी सामने आई जानकारी

परिजनों के अनुसार, रामतीर्थ के अस्पताल जाने और वहां भर्ती होने की जानकारी भी सामने आई है, हालांकि अस्पताल में उन्हें किस समस्या के चलते भर्ती कराया गया था, इसकी अभी स्पष्ट पुष्टि नहीं हो सकी है। परिवार का कहना है कि अस्पताल से संबंधित सीसीटीवी फुटेज में रामतीर्थ सामान्य स्थिति में आते-जाते और चलते हुए दिखाई दे रहे हैं। इसके बाद उनका कोई स्पष्ट पता नहीं चल पाया।

कारोबारी के दावे पर भी परिवार ने उठाए सवाल

परिजनों का आरोप है कि कारोबारी ने पुलिस के सामने अपने बचाव में ऐसी शिकायत दी है जिसमें रामतीर्थ के खुद से कहीं चले जाने की बात कही गई है। परिवार के मुताबिक, कारोबारी की ओर से रामतीर्थ के मानसिक संतुलन ठीक नहीं होने की बात भी कही गई है।

हालांकि, रामतीर्थ के भाई सोनू यादव और मोनू यादव इन दावों से इनकार करते हैं। उनका कहना है कि रामतीर्थ नियमित रूप से काम कर रहे थे, उन्हें करीब 30 हजार रुपये वेतन मिल रहा था और परिवार को उनकी मानसिक स्थिति को लेकर किसी तरह की समस्या की जानकारी नहीं थी।

पुलिस में शिकायत, कार्रवाई की मांग

परिजनों ने इस मामले में 24 अगस्त 2026 को खटोदरा पुलिस स्टेशन, सूरत में सूचना दिए जाने की बात कही है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि अभी तक पुलिस की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।

इसके बाद 27 अगस्त 2026 को सूरत के पुलिस अधीक्षक को भी लिखित प्रार्थना पत्र दिया गया। शिकायत में परिवार ने रामतीर्थ के साथ किसी गंभीर अप्रिय घटना की आशंका जताते हुए संबंधित थाना पुलिस को तत्काल कार्रवाई करने, फैक्ट्री मालिक से पूछताछ करने और रामतीर्थ को सकुशल बरामद करने की मांग की है।

दस्तावेज में शिकायतकर्ता के रूप में नेम सिंह पुत्र जयचंद्र सिंह, निवासी ग्राम हरसिंहपुर गोवा, थाना मऊदरवाजा, जिला फर्रुखाबाद का विवरण दर्ज है।

फिलहाल रामतीर्थ सिंह का कोई पता नहीं चल पाया है। परिवार लगातार उनकी तलाश और पुलिस से कार्रवाई की मांग कर रहा है। हालांकि, कारोबारी पर लगाए गए आरोपों और रामतीर्थ के लापता होने की वास्तविक वजह की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। मामले की सच्चाई पुलिस जांच और उपलब्ध सीसीटीवी समेत अन्य साक्ष्यों की जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।