प्रदर्शन के दौरान किसान संगठन के पदाधिकारी और कार्यकर्ता एकत्र हुए। उन्होंने मतदाता सूची में नामों की कटौती और चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता को लेकर चिंता जताई। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि मतदाता सूची से जुड़े मामलों की निष्पक्ष जांच कराई जाए और प्रभावित मतदाताओं की शिकायतों पर कार्रवाई हो।
SIR और मतदाता सूची पर उठाए सवाल
किसानों का कहना है कि मतदाता सूची में नामों को हटाने या संशोधित करने की प्रक्रिया पारदर्शी होनी चाहिए, ताकि किसी भी पात्र मतदाता का नाम सूची से न छूटे। प्रदर्शनकारियों ने इस मुद्दे पर जिम्मेदारी तय करने और चुनावी प्रक्रिया में जनता का विश्वास बनाए रखने की मांग की।
प्रदर्शन के दौरान किसानों ने अपनी मांगों को लेकर एकजुटता दिखाई। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से ज्ञापन के माध्यम से मामले पर ध्यान देने और आवश्यक कार्रवाई करने का आग्रह किया।
मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग
प्रदर्शनकारियों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी उठाई। यह मांग किसानों और प्रदर्शन में शामिल लोगों की राजनीतिक एवं प्रशासनिक जवाबदेही से जुड़ी मांगों का हिस्सा रही। हालांकि, SIR के दौरान कथित तौर पर काटे गए मतों की संख्या और इस संबंध में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है।
किसानों के इस प्रदर्शन ने फर्रुखाबाद में मतदाता सूची और चुनावी प्रक्रिया को लेकर चल रही बहस को फिर सामने ला दिया है। इस मामले में निर्वाचन आयोग का आधिकारिक पक्ष और ज्ञापन पर प्रशासन की प्रतिक्रिया सामने आने के बाद स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।