INDC Network: पाकिस्तान: पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री और पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) के संस्थापक इमरान खान को लेकर पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा आदेश दिया है। अदालत ने जेल में बंद 73 वर्षीय इमरान खान को रावलपिंडी की अदियाला जेल से इस्लामाबाद के शिफा इंटरनेशनल अस्पताल में स्थानांतरित करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने कहा है कि उन्हें दो दिनों के भीतर अस्पताल ले जाया जाए।
इमरान खान की पार्टी लंबे समय से उन्हें जेल से बाहर किसी विशेषज्ञ अस्पताल में इलाज कराने की मांग कर रही थी। मंगलवार को तीन सदस्यीय सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने उनकी मेडिकल निगरानी के लिए एक मेडिकल बोर्ड गठित करने का भी आदेश दिया। इस बोर्ड में इमरान खान की बहन डॉ. उजमा खान और उनके निजी चिकित्सक डॉ. फैसल सुल्तान को शामिल किया जाएगा।
परिवार और बेटों से मिलने की भी अनुमति: अदालत ने इमरान खान के परिवार को अस्पताल में उनसे मिलने की अनुमति देने का निर्देश दिया है। इसके साथ ही उन्हें विदेश में रह रहे अपने बेटों से फोन पर बात करने की भी इजाजत दी जाएगी।
इमरान खान के वकील उजैर भंडारी के मुताबिक, अगली सुनवाई 16 सितंबर को होगी और अदालत के आदेश के अनुसार तब तक इमरान खान अस्पताल में रह सकते हैं। अगस्त 2023 में जेल जाने के बाद यह पहली बार होगा जब वह इतने लंबे समय तक जेल परिसर से बाहर रहेंगे।
ब्लड प्रेशर और स्वास्थ्य को लेकर चिंता: अदालत का यह फैसला अदियाला जेल के अधीक्षक की ओर से पेश की गई मेडिकल रिपोर्ट के बाद आया। रिपोर्ट में बताया गया कि 10 अगस्त को एक कार्डियक बोर्ड ने इमरान खान की जांच की थी। इस दौरान उनके ब्लड प्रेशर में उतार-चढ़ाव और चिंता की समस्या दर्ज की गई।
रिपोर्ट में उनकी स्वास्थ्य स्थिति को परिवार से सीमित संपर्क से जुड़ी चिंता से भी जोड़ा गया। सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने पाकिस्तान के एडवोकेट जनरल से मेडिकल रिपोर्ट को लेकर सवाल किए और कहा कि इमरान खान की नाड़ी और हृदय की स्थिति सामान्य नहीं थी तथा उनके महत्वपूर्ण अंगों पर असर पड़ना शुरू हो गया था।
पहले भी खारिज हो चुकी है अस्पताल भेजने की मांग: इमरान खान को अस्पताल भेजने की मांग इससे पहले भी की गई थी, लेकिन फरवरी के बाद अदालतें दो बार ऐसी मांगों को खारिज कर चुकी थीं। इस मामले में इस्लामाबाद हाईकोर्ट ने पहले मेडिकल बोर्ड से उनकी स्वास्थ्य स्थिति का आकलन कराने का आदेश दिया था।
PTI नेता जुल्फी बुखारी ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि जेल में मिलने वाली सामान्य चिकित्सा सुविधा स्वतंत्र विशेषज्ञों से होने वाले विस्तृत इलाज का विकल्प नहीं हो सकती। PTI लंबे समय से शिफा इंटरनेशनल अस्पताल में इमरान खान के इलाज और उनके निजी डॉक्टरों तक पहुंच की मांग कर रही थी।
सरकार ने इलाज को बताया बेहतर: पाकिस्तान सरकार का कहना है कि इमरान खान को जेल में उपलब्ध सर्वोत्तम चिकित्सा सुविधा दी जा रही है। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के सलाहकार राणा सनाउल्लाह ने सीनेट में कहा था कि इमरान खान का इलाज बेहतर तरीके से किया जा रहा है और उनकी स्थिति PTI की चिंताओं के अनुरूप गंभीर नहीं है।
सरकार ने यह भी कहा है कि इमरान खान को जेल से बाहर किसी अस्पताल में स्थानांतरित करने के लिए न्यायिक अनुमति जरूरी है।
PTI ने 27 सितंबर को देशव्यापी प्रदर्शन का ऐलान किया
इमरान खान की अस्पताल शिफ्टिंग के आदेश के बीच PTI ने 27 सितंबर को देशव्यापी मार्च की तैयारी जारी रखने की बात कही है। पार्टी का कहना है कि इमरान खान ने उसे न्याय और कानून के शासन के लिए संघर्ष जारी रखने का निर्देश दिया है।
PTI प्रवक्ता शेख वकास अकरम के मुताबिक, अगर सरकार अदालत के आदेशों का पालन करती है और पार्टी की मांगों को ध्यान में रखते हुए बातचीत शुरू करती है तो आगे की रणनीति पर विचार किया जा सकता है। लेकिन ऐसा नहीं होने पर पार्टी अपना मार्च जारी रखेगी।
PTI ने अपने समर्थकों से शिफा इंटरनेशनल अस्पताल के बाहर भीड़ नहीं लगाने की अपील की है और इमरान खान के इलाज के दौरान अस्पताल के आसपास शांतिपूर्ण माहौल बनाए रखने को कहा है।
क्या सरकार और PTI के बीच बन रही है बातचीत की जमीन: सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद पाकिस्तान की राजनीति में सरकार और PTI के बीच तनाव कम होने की संभावनाओं पर भी चर्चा शुरू हो गई है। कुछ राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पाकिस्तान इस समय बलूचिस्तान में सुरक्षा चुनौतियों और पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर में जारी राजनीतिक अस्थिरता का सामना कर रहा है। ऐसे में सरकार और PTI के बीच टकराव को कुछ समय के लिए कम करना सरकार के लिए राहत दे सकता है।
हालांकि राजनीतिक विश्लेषकों का यह भी कहना है कि किसी भी संभावित समझौते में इमरान खान की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होगी। PTI में उनकी मजबूत पकड़ को देखते हुए सरकार और पार्टी के बीच किसी भी समझौते के लिए उनकी सहमति जरूरी मानी जा रही है।
फिलहाल सुप्रीम कोर्ट के आदेश से इमरान खान को जेल से बाहर अस्पताल में इलाज कराने का रास्ता साफ हो गया है। अब सबकी नजर 16 सितंबर की अगली सुनवाई और इस दौरान सरकार तथा PTI के बीच राजनीतिक बातचीत पर रहेगी।