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रूसी तेल पर भारत को अमेरिका की चेतावनी, 100% टैरिफ का खतरा; कांग्रेस ने PM मोदी से मांगा जवाब

रूस से तेल खरीदने वाले देशों पर 100 प्रतिशत तक टैरिफ लगाने की शक्ति वाले अमेरिकी कानून के बाद भारत को लेकर नई चिंता सामने आई है। अमेरिकी सीनेटर रिचर्ड ब्लूमेंथल ने भारत और चीन से रूसी तेल खरीद बंद करने को कहा, जबकि कांग्रेस ने केंद्र सरकार से इस मामले पर अपना रुख स्पष्ट करने की मांग की है।
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रूसी तेल पर भारत को अमेरिका की चेतावनी, 100% टैरिफ का खतरा; कांग्रेस ने PM मोदी से मांगा जवाब
अमेरिकी सांसद की तस्वीर
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INDC Network: नई दिल्ली। रूस से कच्चे तेल की खरीद को लेकर भारत और अमेरिका के बीच एक बार फिर तनाव के संकेत दिखाई दे रहे हैं। अमेरिकी कांग्रेस के प्रतिनिधि सभा ने ऐसा कानून पारित किया है, जो राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को रूस से तेल और गैस खरीदने वाले प्रमुख देशों पर 100 प्रतिशत तक अतिरिक्त टैरिफ लगाने का अधिकार दे सकता है। हालांकि, कानून पारित होने का मतलब यह नहीं है कि भारत पर तुरंत 100 प्रतिशत टैरिफ लागू हो गया है।

अमेरिकी सीनेटर ने भारत को दी चेतावनी

अमेरिकी सीनेटर रिचर्ड ब्लूमेंथल ने कानून पारित होने के बाद भारत और चीन को रूस से तेल खरीदने के मुद्दे पर चेतावनी दी। उन्होंने दोनों देशों से रूसी तेल और गैस के बजाय दूसरे स्रोतों से ऊर्जा खरीदने को कहा। 
अमेरिकी प्रतिनिधि सभा ने Lindsey O. Graham Sanctioning Russia and Iran Act of 2026 को 262-159 मतों से पारित किया। इससे पहले अगस्त में अमेरिकी सीनेट इस कानून को मंजूरी दे चुकी थी। अब कानून राष्ट्रपति ट्रंप के पास जाएगा। 
क्या भारत पर तुरंत लगेगा 100% टैरिफ?
इस कानून को लेकर सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इसमें भारत पर तत्काल 100 प्रतिशत टैरिफ लगाने का प्रावधान लागू नहीं हुआ है। कानून राष्ट्रपति को परिस्थितियों के आधार पर रूस से ऊर्जा खरीदने वाले बड़े देशों पर 100 प्रतिशत तक टैरिफ लगाने का अधिकार देता है। वास्तविक टैरिफ लगाया जाएगा या नहीं और उसकी दर क्या होगी, यह अमेरिकी प्रशासन के फैसले पर निर्भर करेगा।
भारत रूस से बड़ी मात्रा में कच्चा तेल खरीदता है। ऐसे में अमेरिकी कानून और सीनेटर की चेतावनी से भारत की ऊर्जा खरीद और दोनों देशों के व्यापारिक संबंधों को लेकर नई अनिश्चितता पैदा हुई है। 
कांग्रेस ने केंद्र सरकार से पूछे सवाल :
अमेरिकी सीनेटर की टिप्पणी के बाद कांग्रेस ने केंद्र सरकार से इस मामले पर स्पष्ट रुख बताने की मांग की। कांग्रेस नेताओं ने सवाल उठाया कि क्या भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों और विदेश नीति से जुड़े फैसले बाहरी दबाव में लेगा। 
कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने भी सरकार से भारत की ऊर्जा सुरक्षा और रणनीतिक स्वायत्तता को लेकर स्थिति स्पष्ट करने की मांग की। पार्टी नेताओं ने अमेरिकी दबाव को लेकर केंद्र सरकार से जवाब मांगा है। 
भारत सरकार ने क्या कहा?
भारतीय विदेश मंत्रालय ने कहा है कि सरकार घटनाक्रम पर नजर रख रही है और देश के आर्थिक हितों तथा ऊर्जा सुरक्षा की रक्षा के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। भारत ने यह भी संकेत दिया है कि अमेरिकी कदमों का द्विपक्षीय संबंधों पर संभावित प्रभाव पड़ सकता है। 
फिलहाल भारत पर 100 प्रतिशत टैरिफ लागू नहीं हुआ है। आगे अमेरिकी प्रशासन इस कानून का किस तरह इस्तेमाल करता है और भारत की ऊर्जा खरीद नीति पर इसका क्या असर पड़ता है, यह आने वाले समय में स्पष्ट होगा।