झांसी मेडिकल कॉलेज में बवाल: तीमारदारों और डॉक्टरों के बीच मारपीट, किसान की मौत; लूटपाट का आरोप
झांसी मेडिकल कॉलेज में डॉक्टरों और तीमारदारों के बीच भीषण मारपीट हुई, जिसमें एक झुलसे किसान की मौत हो गई। मृतक के बेटे का आरोप है कि डॉक्टरों और गार्डों ने उनकी मां और चाचा को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा, लूटपाट की और मारपीट के दौरान उनके पिता की मौत हो गई। वहीं, डॉक्टरों का कहना है कि तीमारदारों ने उनके हाथ तोड़ दिए। पुलिस ने दोनों पक्षों की तहरीर दर्ज कर ली है और मामले की जांच जारी है।

INDC Network : झाँसी, उत्तर प्रदेश : ललितपुर के लक्ष्मी नगर के रहने वाले 50 वर्षीय किसान जुगल किशोर एक माह पहले पैरालिसिस अटैक के बाद ठीक होकर घर लौटे थे। सोमवार को घर में बीड़ी पीते समय उनके कपड़ों में आग लग गई, जिससे वे बुरी तरह झुलस गए। परिजन उन्हें झांसी मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंचे, लेकिन उनकी हालत में सुधार नहीं हुआ। मंगलवार को डॉक्टरों ने उन्हें ग्वालियर रेफर कर दिया।
स्ट्रेचर से एम्बुलेंस तक जाते वक्त शुरू हुआ विवाद
जुगल किशोर का बेटा अमित अपने पिता को स्ट्रेचर पर लेकर बाहर खड़ी एम्बुलेंस तक जा रहा था। इसी दौरान एक डॉक्टर को हल्की टक्कर लग गई। अमित के मुताबिक, उसने तुरंत माफी मांगी, लेकिन डॉक्टर ने गाली-गलौज शुरू कर दी। जब उसने विरोध किया तो डॉक्टरों और गार्डों ने उसे पीटना शुरू कर दिया।
तीमारदारों को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा, मां और चाचा को भी मारा
बेटे पर हमला होते देख उसकी मां और चाचा बचाने आए, लेकिन गार्डों और डॉक्टरों ने उन्हें भी बेरहमी से पीटा। मारपीट में चाचा रामेश्वर का माथा फट गया, सिर से खून बहने लगा। अमित की मां ने हाथ जोड़कर विनती की, लेकिन उन्हें भी दौड़ाकर पीटा गया।
50 हजार कैश, सोने की चेन और मोबाइल लूटने का आरोप
अमित का आरोप है कि मारपीट के दौरान उसके 50 हजार रुपए, चाचा की सोने की चेन और उसका मोबाइल लूट लिया गया। जब उसने मोबाइल वापस मांगा, तो गार्ड ने देने से इनकार कर दिया।
बेटे का आरोप- मारपीट के दौरान ही पिता ने तोड़ा दम
अमित का कहना है कि जब मारपीट हो रही थी, उसके पिता उस समय जिंदा थे। लेकिन भीषण पिटाई के दौरान ही उनकी मौत हो गई। जब झगड़ा खत्म हुआ तो अमित ने देखा कि पिता की सांसें थम चुकी थीं।
मां बेहोश होकर गिरी, पुलिस ने बचाया
पिता की मौत देखकर अमित जोर-जोर से चीखने लगा। मां को जैसे ही यह खबर लगी, वह वहीं बेहोश होकर गिर पड़ीं। पुलिसकर्मियों ने उन्हें संभाला, पानी की छींटें मारकर होश में लाया और पानी पिलाया। इसके बाद मां-बेटा एक-दूसरे से लिपटकर रोते रहे।
डॉक्टर का आरोप- तीमारदारों ने हाथ तोड़ा
इस पूरे मामले में डॉक्टरों की ओर से भी एक अलग कहानी सामने आई। एक डॉक्टर का कहना है कि मारपीट के दौरान तीमारदारों ने उनका हाथ तोड़ दिया। डॉक्टरों ने भी पुलिस में तहरीर देकर सुरक्षा की मांग की है।
पुलिस जांच में जुटी, दोनों पक्षों की तहरीर दर्ज
घटना के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को अलग किया। अमित का कहना है कि अगर पुलिस नहीं आती तो गार्ड और डॉक्टर उन्हें जान से मार देते। फिलहाल, पुलिस ने दोनों पक्षों की तहरीर दर्ज कर ली है और मामले की गहराई से जांच की जा रही है।
क्या मेडिकल कॉलेज में सुरक्षा के इंतजाम नाकाफी?
यह घटना मेडिकल कॉलेजों में सुरक्षा व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल उठाती है। क्या मरीजों के परिजनों के साथ ऐसी हिंसा आम हो गई है? क्या डॉक्टरों और तीमारदारों के बीच संवादहीनता ही हिंसक घटनाओं का कारण बन रही है? पुलिस को अब सभी एंगल से जांच करनी होगी कि इस विवाद की असली वजह क्या थी।
What's Your Reaction?






