महाकुंभ बना 'मृत्यु कुंभ'? भाजपा आस्था से खिलवाड़ कर रही ? नेताओं के बड़े दावे !

महाकुंभ 2025 को लेकर भारतीय राजनीति गरमा गई है। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इसे ‘मृत्यु कुंभ’ करार दिया, तो वहीं शिवपाल यादव ने भाजपा पर आस्था से खिलवाड़ करने का आरोप लगाया। भाजपा नेताओं ने इन दावों को सिरे से नकारते हुए विपक्ष को गैर-जिम्मेदार बताया। इस पूरे घटनाक्रम ने महाकुंभ से जुड़े प्रशासनिक और राजनीतिक पहलुओं पर गहन बहस छेड़ दी है।

Feb 19, 2025 - 08:37
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महाकुंभ बना 'मृत्यु कुंभ'? भाजपा आस्था से खिलवाड़ कर रही ? नेताओं के बड़े दावे !

INDC Netwotrk : प्रयागराज, उत्तर प्रदेश : महाकुंभ 2025: राजनीति का अखाड़ा या आस्था का केंद्र?

ममता बनर्जी का बड़ा हमला: ‘महाकुंभ बन गया मृत्यु कुंभ’

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर सीधा निशाना साधते हुए कहा कि प्रयागराज में हो रहा महाकुंभ ‘मृत्यु कुंभ’ में बदल गया है। उन्होंने हाल ही में हुई भगदड़ और संदिग्ध मौतों का हवाला देते हुए सरकार को घेरने का प्रयास किया। ममता ने आरोप लगाया कि महाकुंभ में केवल वीआईपी लोगों को विशेष सुविधाएं दी जा रही हैं, जबकि गरीब और आम श्रद्धालु मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं।

उन्होंने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि वे ‘सबका साथ, सबका विकास’ की बात करते हैं, लेकिन जब धार्मिक आयोजन की बात आती है तो वर्ग विशेष को ही लाभ पहुंचाया जाता है।

शिवपाल यादव का भाजपा पर हमला: ‘आस्था से हो रहा खिलवाड़’

समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता शिवपाल यादव ने भी भाजपा सरकार पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि सरकार धार्मिक आयोजनों के नाम पर जनता को गुमराह कर रही है और आस्था के साथ खिलवाड़ कर रही है।

शिवपाल ने यह भी कहा कि शास्त्रों में 144 साल बाद महाकुंभ के होने का कोई उल्लेख नहीं है, यह केवल राजनीतिक लाभ लेने के लिए प्रचारित किया जा रहा है।

केशव प्रसाद मौर्य का पलटवार: ‘विपक्ष का आचरण गैर-जिम्मेदाराना’

उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि यह केवल जनता को गुमराह करने की एक साजिश है। उन्होंने समाजवादी पार्टी पर तंज कसते हुए कहा कि वे ‘परिवारवाद की राजनीति’ में व्यस्त हैं और इस प्रकार की भ्रामक बातें फैलाकर अपनी छवि बचाने की कोशिश कर रहे हैं।

महाकुंभ में अव्यवस्थाएं: सरकार के लिए चेतावनी?

हालांकि, ममता बनर्जी और शिवपाल यादव के आरोपों से अलग, कुछ ऐसे तथ्य भी सामने आए हैं जो महाकुंभ में अव्यवस्थाओं की ओर इशारा कर रहे हैं। महाकुंभ में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए बुनियादी सुविधाओं की कमी की खबरें हैं।

हाल में कुछ श्रद्धालुओं की असामयिक मौतें और स्वास्थ्य सेवाओं की अनुपलब्धता ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। सरकार इन मुद्दों पर क्या कदम उठा रही है, यह देखना अहम होगा।

राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप और जनता की उम्मीदें

महाकुंभ 2025 न सिर्फ धार्मिक आयोजन है, बल्कि यह प्रशासनिक व्यवस्था की परीक्षा भी है। विपक्ष के आरोपों और सरकार के बचाव के बीच असली मुद्दा यह है कि क्या श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिल रही हैं या नहीं।

आगामी लोकसभा चुनावों को देखते हुए यह बहस और तेज़ हो सकती है। भाजपा के लिए यह आयोजन अपनी धार्मिक छवि को और मजबूत करने का अवसर हो सकता है, तो वहीं विपक्ष इसे मुद्दा बनाकर सरकार पर हमला जारी रख सकता है।

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Arpit Shakya Hello! My Name is Arpit Shakya from Farrukhabad (Uttar Pradesh), India. I am 18 years old. I have been working for INDC Network news company for the last 3 years. I am the founder and editor in chief of this company.